LYRIC

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तू बन फूल छड़ी लिकड़ी [संगीत] राही को
कितने पकड़ी तू बन के फूल छड़ी लिकड़ी राही
को है कितने पकड़ी के आ तोड़ेगी रंग तू सहज
सहज धर [संगीत] ले मटको मटका फोड़ेगी रंग
तू सहज सहज धर ले [संगीत] मटको मटका
फोड़ेगी
पल्लू तोड़ तेरी बलमा करे हो मेरी बलमा
पल्लू तोड़ तेरी बलमा [संगीत] करे ओढ़ मेरी
बलमा कबड्डी सी में डालूंगी
ते करे [संगीत] मटके चल ना चलते
रह
[संगीत] [संगीत] [संगीत] कर रही से
सूट तेरा से मुड़का
काटती चालू मैं बनसा
या थारी से फसा करती
[संगीत] चालू मैं बनसा
या थारी से फसा
नागी
रंग तू सहज सहज [संगीत] धर ले मटको मटका
फोड़ेगी रंग तू सहज सहज भर ले रहा मटको
मटका फोड़गी
तेरा तो फूल [संगीत] से खिल से
लोग तेरे पल से
चमके तेरा सा [संगीत] हारा सा
तो फूल से खिल से
लोग तेरे पल से चमके तेरा
तो [संगीत] डालूंगी
[संगीत] के चल चलूंगी
के चलना चलूंगी [संगीत] देवर देख [संगीत] मेरा झोला
यो से थोड़ा झोला
जा टूट
गई
देवर देख [संगीत] मेरा झोला से थोड़ा झोला
जा [संगीत] जब कमर ना मोड़ेगी
रंग तू सहज सहज धर ले मटको मटका [संगीत] फोड़ेगी रंग तू सहज सहज धर ले मटको मटका
फोड़ेगी [संगीत]

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nvn1989

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