LYRIC
तेरे बिन जीना बेकार होवे यार सजनी,
अब भी करता हूँ तेरा इंतज़ार सजनी,
तेरे बिन जीना बेकार होवे यार सजनी,
अब भी होती ना तेरे बिन रात सजनी।
आँखें हैं नम, यादों में तेरी,
अश्कों से मेरे शहर बन गए,
पत्थर ये दिल, धड़कता ना मेरा,
दर्द तेरे ज़ख्म बन गए।
भीगा ये तकिया मेरा खारे पानी से,
जबसे किरदार हुआ है खत्म कहानी से,
आजा वे माही, तेरा रास्ता तकूँ,
तू सुनती नहीं, मैं कहता रहूँ।
तेरे बिन जीना बेकार होवे यार सजनी,
अब भी करता हूँ तेरा इंतज़ार सजनी,
तेरे बिन जीना बेकार होवे यार सजनी,
अब भी होती ना तेरे बिन रात सजनी।
दिल हारा, दिल हारा मैं तेरे लिए,
बैठा मैं बंजारा सिर्फ तेरे लिए,
तेरा दीदार होया मैनू सनम,
बैठा तू गैर नाल, ना आई शर्म।
मेरे पन्ने भी ना खत्म हो रहे,
मेरी स्याही के तुम नज़्म बन गए,
तेरी महक में हम फ़ना हैं सनम, क्यों
मेरा गुलाब तुम दफ़न कर गए।
आजा तू फिर से हम बात करें,
तेरे होंठों से अपना नाम सुनें,
हम तो जाना बेजान थे,
लेके बाहों में आप साँसें बने।
तेरे बिन जीना बेकार होवे यार सजनी,
अब भी करता हूँ तेरा इंतज़ार सजनी,
तेरे बिन जीना बेकार होवे यार सजनी,
अब भी होती ना तेरे बिन रात सजनी।

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